Ek Chidiya Ke Bacche Chaar || एक चिड़िया के बच्चे चार
- एक चिड़िया के बच्चे चार,
घर से निकले पंख पसार,
पश्चिम से पूरब को आए,
उत्तर से दक्षिण को आए,
घूम लिया है जगत सारा,
अपना घर है सबसे प्यारा,

चिड़िया रानी चिड़िया रानी
- चिड़िया रानी चिड़िया रानी|
- तुम ही हो पेड़ों की रानी||
- सुबह सवेरे उठ जाती हो|
- ना जाने क्या क्या खाती हो||
- क्या तुम भी पढ़ने को जाती हो|
- या नौकरी करने को जाती हो||
- शाम से पहले आती हो|
- बच्चों का दाना साथ लाती हो||
- भर भर चोर खिलाती दाना|
- चूचू चेक सुनाती गाना||

चिड़िया कविता हिंदी मैं-
रंग बिखेरे पंखों वाली,
चिड़िया देखो आई|
चूचू करके उड़ती,
सबके मन को भाती|
चिड़िया गाना गाती है,
सुबह हमें जगाती है,
फुरसे जाने कहां उड़ जाती है|
काश मैं चिड़िया होती,
आसमान में उड़ती|
पेड़ की डाल पर बैठ,
चूचू गाना गाती||
