पंख
पंख हैं तो उड़ान है,
सपनों की पहचान है।
खुले आसमान की चाह में,
हर दिल का अरमान है।
हवा से बातें करते पंख,
आकाश छूते, भरते रंग।
ऊँचाईयों का छूना लक्ष्य,
स्वतंत्रता का देते संदेश।
पंखों में है साहस छिपा,
हर डर को करते हैं भुला।
तूफानों से लड़ते हैं डटकर,
असफलता से न डरते कभी रुककर।
पंछी का सपना, पंख का जोश,
हर उड़ान में छुपा है रोश।
आओ सीखें इनसे उड़ान,
जीवन में भरें नए आयाम।
पंख है तो उड़ना सीखो,
गिरकर भी फिर से जीना सीखो।
आकाश है बुला रहा तुम्हें,
अपने सपनों को साकार करो सदा।