शेखचिल्ली की कहानी : दूसरी कहानी |Sheikh Chilli Dusri Kahani In Hindi

शेख चिल्ली की दूसरी कहानी

शेख चिल्ली अपनी मजेदार और कल्पनाओं से भरी कहानियों के लिए प्रसिद्ध थे। एक बार की बात है, शेख चिल्ली को उनके पड़ोसी ने खेत में काम करने के लिए बुलाया। काम था खेत की सिंचाई करना। शेख चिल्ली ने कहा, “ठीक है, मैं यह काम कर दूंगा।”शेख चिल्ली खेत में पहुंचे और सोचने लगे, “सिंचाई करने के लिए मुझे पानी की जरूरत है।

लेकिन अगर मैं इतनी मेहनत करूं, तो मैं बहुत थक जाऊंगा। क्यों न ऐसा तरीका निकालूं, जिससे मुझे मेहनत भी न करनी पड़े और काम भी हो जाए?”शेख चिल्ली ने एक गड्ढा खोदना शुरू किया और सोचा कि अगर गड्ढा खुद-ब-खुद भरने लगे, तो पानी खेत में बह जाएगा। उन्होंने गड्ढा खोदकर उसमें एक चम्मच पानी डाल दिया और बैठकर इंतजार करने लगे।

उनके मन में ख्याल आया, “अगर चम्मच का पानी नदी से जुड़ जाए, तो खेत खुद ही भर जाएगा।”इतना सोचकर शेख चिल्ली सो गए। जब पड़ोसी आया और देखा कि शेख चिल्ली आराम से सो रहे हैं, तो उसने पूछा, “शेख चिल्ली, तुमने सिंचाई क्यों नहीं की?”शेख चिल्ली ने कहा, “मैंने तो गड्ढा बना दिया था और पानी डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।

नदी को अपना काम करने देना चाहिए।”यह सुनकर पड़ोसी गुस्से में आ गया और शेख चिल्ली को डांटते हुए कहा, “तुम्हारे सपने और तुम्हारी सोच कभी बदलेंगे नहीं।”शेख चिल्ली मुस्कुराए और बोले, “अगर सोच बड़ी हो, तो काम छोटा भी बड़ा हो जाता है।”

पड़ोसी ने अपना सिर पकड़ा और खुद खेत की सिंचाई करने लगा। शेख चिल्ली फिर से अपनी कल्पनाओं में खो गए।शेख चिल्ली की कहानियों से हमें सिखने को मिलता है कि मेहनत और बुद्धिमानी दोनों जरूरी हैं।