शीख चिल्ली की कहानियां हमेशा से ही मजेदार और हास्य से भरी होती हैं। यहां शेख चिल्ली और उनकी शाही हुक्का की कहानी प्रस्तुत है:—
शेख चिल्ली और शाही हुक्काएक बार की बात है, शेख चिल्ली का सपना था कि वह राजा के दरबार में जाए और राजा के साथ बैठकर हुक्का पीए। उसने यह बात अपने दोस्तों को बताई।
दोस्तों ने मजाक में कहा, “शेख, अगर तुम राजा के दरबार में जाकर हुक्का पी लोगे तो हम मान जाएंगे कि तुम बहुत बड़े आदमी हो।”शेख चिल्ली को यह बात दिल पर लग गई। उसने सोचा कि किसी भी तरह से उसे राजा के दरबार में जाना है।
लेकिन उसकी सबसे बड़ी समस्या यह थी कि वह गरीब था और राजा के दरबार में जाने के लिए खास पोशाक चाहिए थी।शेख ने किसी तरह एक शानदार पोशाक का इंतजाम किया और राजा के महल पहुंच गया।
दरबान ने उसे रोका और पूछा, “तुम कौन हो?”शेख चिल्ली ने बड़े आत्मविश्वास से कहा, “मैं दूर देश का शाही मेहमान हूं और राजा से मिलने आया हूं।”दरबान को उसकी बातों पर यकीन हो गया, और उसने उसे अंदर जाने दिया। शेख चिल्ली दरबार में पहुंचा और बड़े आदर के साथ राजा से मिला।
राजा ने सोचा कि यह कोई बड़ा व्यक्ति है, इसलिए उसने शेख को शाही हुक्का ऑफर किया।शेख चिल्ली खुशी से फूला नहीं समा रहा था। उसने शाही अंदाज में हुक्का पीना शुरू किया। लेकिन जैसे ही उसने गहरी कश लगाई, उसे खांसी आ गई।
दरबार के सभी लोग उसकी हालत देखकर हंसने लगे।राजा ने पूछा, “तुम कौन हो और यहां क्यों आए हो?”शेख चिल्ली ने झेंपते हुए कहा, “महाराज, मैं तो सिर्फ यह देखना चाहता था कि शाही हुक्का पीने का अनुभव कैसा होता है।”राजा उसकी ईमानदारी पर हंस पड़े और बोले, “तुम बड़े मजेदार इंसान हो। लेकिन अगली बार, किसी भी शाही चीज का अनुभव लेने से पहले अपनी तैयारी पूरी कर लेना।”
इस तरह, शेख चिल्ली ने राजा के दरबार में हुक्का तो पी लिया, लेकिन उसकी हरकतों ने सबको खूब हंसाया।—
यह कहानी हमें सिखाती है कि हर चीज के लिए खुद को तैयार करना जरूरी है और ईमानदारी हमेशा आपकी मदद करती है।