राजा और चोर की कहानी | The King And The Thief Story In Hindi

राजा और चोर की कहानी

प्राचीन समय की बात है, एक राजा था जो बहुत न्यायप्रिय और दयालु था। उसके राज्य में लोग सुख-शांति से रहते थे। लेकिन एक दिन राजा को खबर मिली कि राज्य में एक चोर सक्रिय हो गया है, जो हर रात अमीर लोगों के घरों से कीमती सामान चुरा लेता है।

राजा ने इस चोर को पकड़ने का फैसला किया।राजा ने एक योजना बनाई। उसने अपने सैनिकों को आदेश दिया कि वे महल के खजाने में कुछ कीमती वस्तुएँ छोड़ दें और रात में महल के आसपास पहरा दें। उसी रात, चोर महल में चोरी करने घुसा, लेकिन जैसे ही वह खजाने से सोने और चाँदी के सिक्के उठाने लगा, सैनिकों ने उसे पकड़ लिया।

सुबह राजा के सामने चोर को पेश किया गया। राजा ने चोर से पूछा, “तुम इतना बड़ा जोखिम उठाकर चोरी क्यों करते हो?”चोर ने उत्तर दिया, “महाराज, मैं गरीब हूँ, मेरे पास कोई काम नहीं है, और मेरा परिवार भूखा है। मजबूरी में मैंने चोरी करनी शुरू की।”राजा को चोर की बात सुनकर दया आ गई।

उसने कहा, “अगर तुम्हें काम मिले, तो क्या तुम ईमानदारी से जीवन बिताओगे?”चोर ने सिर झुकाकर जवाब दिया, “हाँ, महाराज! अगर मुझे कोई अच्छा काम मिले, तो मैं कभी चोरी नहीं करूँगा।”राजा ने चोर को माफ कर दिया और उसे अपने महल में एक सेवक की नौकरी दे दी। धीरे-धीरे चोर राजा का विश्वासपात्र बन गया और पूरी निष्ठा से काम करने लगा।

शिक्षा:इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हर व्यक्ति को दूसरा मौका मिलना चाहिए, और अगर सही दिशा दी जाए, तो बुरा इंसान भी सुधर सकता है।