भूत की कहानी : भूत को बनाया बंदी | Bhoot Ko Banaya Bandi Story In Hindi

भूत की कहानी: भूत को बनाया बंदी

बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गांव में एक बूढ़ा तांत्रिक रहता था। वह अपने ज्ञान और तंत्र विद्या के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध था। गांव के लोग उसकी सलाह और सहायता के लिए अक्सर उसके पास आते थे।

गांव के पास एक पुराना खंडहर था जिसे लोग “भूतिया महल” कहते थे। वहां जाने की हिम्मत कोई नहीं करता था, क्योंकि कहते थे कि वहां भूतों का वास है। कई लोग दावा करते थे कि उन्होंने वहां अजीब आवाजें और परछाइयाँ देखी हैं।

घटना की शुरुआत

एक दिन गांव के कुछ युवाओं ने तांत्रिक से पूछा, “बाबा, क्या आप सच में भूतों को पकड़ सकते हैं?”
तांत्रिक मुस्कुराया और बोला, “अगर हिम्मत और विद्या हो, तो कुछ भी संभव है।”
युवाओं ने उसे चुनौती दी, “तो आप भूतिया महल में जाकर वहां के भूत को पकड़ कर दिखाइए।”

तांत्रिक का साहस

तांत्रिक ने उनकी चुनौती स्वीकार कर ली। वह अपने साथ कुछ तांत्रिक यंत्र, एक दीया, और एक लोहे का डिब्बा लेकर भूतिया महल की ओर निकल पड़ा। गांव के लोग दूर से उसे जाते देख रहे थे।

रात का समय था, और माहौल डरावना था। जैसे ही तांत्रिक महल के अंदर पहुंचा, उसने अपने चारों ओर मंत्र पढ़ते हुए सुरक्षा घेरा बनाया। तभी एक अजीब-सी ठंडी हवा चली, और सामने एक परछाई प्रकट हुई।

भूत से सामना

भूत ने गहरी आवाज में कहा, “तुम कौन हो और यहां क्यों आए हो?”
तांत्रिक शांत रहा और बोला, “मैं तुम्हें बंदी बनाने आया हूं। तुम्हारा समय खत्म हो गया है।”
भूत हंसा और बोला, “तुम मुझे बंदी नहीं बना सकते। मैंने यहां सालों से राज किया है।”

लेकिन तांत्रिक ने बिना डरे अपने मंत्र पढ़ने शुरू कर दिए। भूत गुस्से में चीखने लगा, लेकिन तांत्रिक ने मंत्र पढ़ना जारी रखा। धीरे-धीरे भूत कमजोर पड़ने लगा और अंत में वह एक धुएं में बदलकर लोहे के डिब्बे में कैद हो गया।

गांववालों की खुशी

सुबह होते ही तांत्रिक डिब्बे को लेकर गांव वापस लौटा। उसने गांववालों को बताया कि अब भूत बंदी है और वे महल में बिना डर के जा सकते हैं। गांववालों ने तांत्रिक का धन्यवाद किया और महल को साफ-सुथरा बनाकर वहां पूजा शुरू कर दी।

सीख

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि डर को काबू में रखने और हिम्मत से काम लेने से बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकाला जा सकता है।

“डर के आगे जीत है।”