ज्ञानी बालक और राजा की कहानी | Budhiman Balak Aur Raja In Hindi

बुद्धिमान बालक और राजा

बहुत समय पहले की बात है, एक राज्य में एक बुद्धिमान बालक रहता था। वह बहुत ही चतुर और समझदार था। उसकी बुद्धिमानी के किस्से दूर-दूर तक प्रसिद्ध थे।

राजा की चुनौती

एक दिन, उस राज्य के राजा ने घोषणा की—”जो भी मेरे तीन कठिन प्रश्नों के उत्तर देगा, मैं उसे इनाम दूंगा।”बहुत से विद्वान आए, लेकिन कोई भी राजा के प्रश्नों के सही उत्तर नहीं दे सका। जब बालक को यह खबर मिली, तो वह भी राजा के दरबार में पहुँचा।

तीन प्रश्न और बालक के उत्तर

राजा ने पहला प्रश्न पूछा—”दुनिया में सबसे तेज़ चीज़ क्या है?”बालक ने उत्तर दिया—”विचार। क्योंकि यह पल भर में कहीं भी पहुँच सकता है।”राजा ने दूसरा प्रश्न पूछा—”दुनिया में सबसे मूल्यवान चीज़ क्या है?”बालक बोला—”समय। क्योंकि खोया हुआ धन वापस पाया जा सकता है, लेकिन बीता हुआ समय कभी नहीं लौटता।”राजा ने तीसरा प्रश्न पूछा—”ऐसी कौन-सी चीज़ है जो जन्म के बाद भी माँ की होती है, लेकिन मृत्यु के बाद पिता की हो जाती है?”बालक मुस्कुराया और बोला—”संस्कार। जन्म के बाद बच्चा माँ की गोद में पलता है, लेकिन मृत्यु के बाद पिता उसकी अंतिम क्रिया कराते हैं।”

इनाम और सम्मान

राजा बालक की बुद्धिमानी से बहुत प्रभावित हुआ और उसे बहुमूल्य इनाम देकर सम्मानित किया। उस दिन से पूरा राज्य उसकी चतुराई का कायल हो गया।

शिक्षा:बुद्धिमत्ता और ज्ञान से बड़ी कोई संपत्ति नहीं होती।