Chuha Billi Ki Kahani | बिल्ली और चूहों की कहानी
बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक बिल्ली और कई चूहे रहते थे। गाँव के सभी जानवर एक-दूसरे के साथ अच्छे से रहते थे और साथ-साथ मिलकर काम करते थे।बिल्ली बहुत शरारती और खेलने में रुचिकर थी।
वह हमेशा चूहों के साथ खेलती और उन्हें बहुत मजा कराती। चूहे भी बिल्ली की दोस्ती में आकर खुश रहते थे।

Chuha Billi Ki Kahani | बिल्ली और चूहों की कहानी
एक दिन, गाँव में खाने की कमी होने लगी। खाने की वस्तुओं की कमी के कारण सभी जानवर परेशान हो गए। चूहों ने सोचा कि क्यों न वे खुद ही खाने की वस्तुएँ ढूंढ लें।बिल्ली ने भी इस विचार में अपनी मदद करने का निश्चय किया।
वह बिल्कुल शांति से चूहों के साथ मिलकर खाने की वस्तुएँ ढूंढने लगी।चूहों ने अपनी छोटी छोटी मन्नतों को पूरा करने के लिए मिलकर मेहनत की। उन्होंने मिलकर खुद को एक संगठन में बदल दिया और खाने की वस्तुएँ ढूंढने में सफलता प्राप्त की।
Chuha Billi Ki Kahani | बिल्ली और चूहों की कहानी
बिल्ली ने देखा कि चूहों की मेहनत और साझेदारी ने उन्हें उनके लक्ष्य तक पहुँचाया। उन्होंने भी चूहों की मदद की और सबको खाने की वस्तुएँ मिली।
इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है
कि साथ मिलकर मिलकर काम करने से हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं। मिलकर काम करने से सफलता जल्दी मिलती है और हमारी मेहनत का मान भी मिलता है।