कौओं की गिनती की कहानी
एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में एक राजा राज करता था। राजा बहुत ही न्यायप्रिय और बुद्धिमान था। एक दिन, राजा अपने बगीचे में टहल रहा था और उसने आसमान में बहुत सारे कौओं को उड़ते हुए देखा। अचानक उसके मन में ख्याल आया कि उसके राज्य में कुल कितने कौए होंगे।
उसने अपने दरबारियों को बुलाया और पूछा, “हमारे राज्य में कुल कितने कौए हैं?”दरबारी इस अजीब सवाल से चौंक गए। उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, क्योंकि किसी ने कभी इस बारे में सोचा ही नहीं था।तभी एक दरबारी ने कहा, “महाराज, मैं जवाब लेकर आता हूँ।” वह गाँव में गया और कौओं की गिनती करने लगा।
लेकिन कौओं को गिनना बहुत मुश्किल था, क्योंकि वे उड़ते रहते थे।तभी एक बुद्धिमान व्यक्ति ने राजा से कहा, “महाराज, हमारे राज्य में जितने पेड़ हैं, हर पेड़ पर औसतन 5 कौए होते हैं। यदि कोई कौआ कहीं और चला गया हो, तो वह किसी और राज्य से आया होगा।
और यदि हमारे राज्य में कोई अतिरिक्त कौआ हो, तो वह किसी और राज्य से आया होगा।”राजा उसकी बुद्धिमानी से बहुत प्रभावित हुआ और उसे इनाम दिया। राजा ने समझा कि हर सवाल का एक सीधा जवाब नहीं होता, बल्कि उसे समझदारी से हल करना होता है।
नैतिक शिक्षा: हर समस्या का समाधान बुद्धिमानी और धैर्य के साथ करना चाहिए।