गौरैया और बंदर की कहानी
गौरैया और बंदर की कहानी एक बार की बात है, एक जंगल के घने पेड़ पर एक गौरैया का जोड़ा रहता था।
वो दोनों बहुत ही प्यारे और मिलनसार थे। गौरैया का नाम टिंकू था और उसके पति का नाम टिटू था। वो दोनों दिनभर पेड़ के आस-पास उड़ते-फिरते रहते थे और खाना ढूंढते रहते थे।
एक दिन सर्दियों का मौसम आ गया। इस बार सर्दी बहुत ही कड़ाके की पड़ रही थी। पेड़ों की डालियां ठिठुर रही थीं और जमीन पर बर्फ पड़ने लगी थी। गौरैया और टिटू भी इस ठंड से परेशान होने लगे।
उन्होंने सोचा कि अब हमें अपना घर बनाना चाहिए।गौरैया ने टिटू से कहा, “टिटू, हमें अपना घर बनाना चाहिए। इस ठंड में हम बाहर नहीं रह सकते।”
टिटू ने कहा, “हाँ, टिंकू, तुम ठीक कह रही हो। चलो आज ही घर बनाना शुरू करते हैं।”गौरैया और टिटू ने मिलकर एक खूबसूरत घोंसला बनाया।
घोंसला पेड़ की सबसे ऊंची डाली पर था। घोंसला बनाकर दोनों बहुत ही खुश हुए। उन्होंने सोचा कि अब हमें इस ठंड से कोई नहीं डराएगा।एक दिन, गौरैया और टिटू घोंसले में बैठे थे कि उन्होंने कुछ बंदरों को देखा। बंदर बहुत ही ठिठुर रहे थे।
