शेखचिल्ली की कहानी : कैसे नाम पड़ा | Naam Kaise Pada Sheikh Chilli Story In Hindi

नाम कैसे पड़ा? (शेख चिल्ली की कहानी)

शेख चिल्ली अपनी मासूमियत और मजाकिया स्वभाव के लिए मशहूर था। वह बहुत सपने देखा करता था और अक्सर अपनी कल्पनाओं में खो जाता था। उसकी बातें इतनी मजेदार होती थीं कि लोग उसे देखकर हंस पड़ते थे।एक दिन शेख चिल्ली अपने दोस्तों के साथ बैठा था। वह बड़ी गंभीरता से कहने लगा, “मैं राजा बनूंगा और मेरे पास सोने का महल होगा।

वहां सैकड़ों नौकर होंगे और मैं शाही बिस्तर पर सोया करूंगा।”उसकी बातें सुनकर सभी दोस्त हंसने लगे। एक दोस्त ने कहा, “अरे शेख, तुम्हारे सपने तो बादलों में उड़ते हैं। जमीन पर आओ और असलियत को देखो।”दूसरा बोला, “तू हर बार ऐसी बातें करता है जो कभी सच नहीं होतीं।

हमें लगता है कि तेरा नाम शेख चिल्ली ही होना चाहिए, क्योंकि तेरी बातें बिल्कुल बेकार होती हैं।”सबने ठहाके लगाए और उसी दिन से उसका नाम “शेख चिल्ली” पड़ गया। शेख चिल्ली ने भी इस नाम को मजाक में स्वीकार कर लिया।इसके बाद, शेख चिल्ली अपनी मजेदार हरकतों और अजीबोगरीब कल्पनाओं से हर किसी को हंसाता रहा।

उसका नाम हर जगह मशहूर हो गया, और लोग उसकी कहानियां सुनकर खूब आनंद लेते थे।सार:शेख चिल्ली का नाम उसकी मजाकिया और कल्पनाओं में खो जाने वाली आदतों की वजह से पड़ा। उसकी कहानियां हमें यह सिखाती हैं कि जीवन में हंसी-मजाक भी जरूरी है।