तेनाली रामा की कहानी: नली का कमाल | Nali Ka Kamaal Tenali Raman Story in Hindi

नाली का कमाल – तेनालीरामन की कहानी

एक बार विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय ने अपने दरबार में घोषणा की कि जो भी व्यक्ति अनोखा और उपयोगी आविष्कार करेगा, उसे इनाम दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद, बहुत से लोग अपने आविष्कार लेकर दरबार में आए।

कुछ दिन बाद, एक व्यक्ति राजा के दरबार में आया और बोला, “महाराज, मैंने एक विशेष नाली बनाई है। यह नाली बहुत अद्भुत है और इससे किसी भी चीज़ को बिना गिराए आसानी से नीचे पहुंचाया जा सकता है।”राजा ने उस व्यक्ति से उसकी नाली का प्रदर्शन करने को कहा। उसने अपनी नाली लेकर दिखाया और बताया कि यह कितनी उपयोगी है।

राजा प्रभावित हुए और उसे इनाम देने का विचार किया।लेकिन तभी तेनालीराम खड़े हुए और बोले, “महाराज, यह नाली तो साधारण है। मैं इसे और भी बेहतर तरीके से उपयोग कर सकता हूं।”राजा ने तेनालीराम से पूछा, “कैसे?”तेनालीराम ने मुस्कुराते हुए कहा, “महाराज, इस नाली से हमें अपनी खजाने का सोना चोरों तक पहुंचाने में आसानी होगी।

यह नाली तो चोरों के लिए भी उपयोगी है!”राजा और दरबारियों ने यह सुना तो जोर से हंस पड़े। राजा ने तेनालीराम की बुद्धिमानी की सराहना की और उस व्यक्ति को समझाया कि आविष्कार तभी उपयोगी होता है जब वह समाज के लिए लाभदायक हो।

इस तरह तेनालीराम ने अपनी चतुराई से न केवल राजा को प्रभावित किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि किसी भी चीज़ की उपयोगिता उसके उद्देश्य पर निर्भर करती है।