शेखचिल्ली की कहानी : ख्याली जलेबी | Sheikh Chilli Khayali Jalebi Story In Hindi

शेख चिल्ली और खयाली जलेबी

शेख चिल्ली की कहानियाँ मज़ेदार और सीख देने वाली होती हैं। उनकी खयाली दुनिया में वह बड़े-बड़े सपने देखते, लेकिन हकीकत में कुछ और ही होता। यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है।खयाली जलेबीएक दिन शेख चिल्ली के पास सिर्फ एक रुपया था।

उसने सोचा, “इससे मैं क्या करूँ?” फिर उसने देखा कि हलवाई की दुकान पर ताज़ी-ताज़ी जलेबियाँ तली जा रही थीं। उसकी आँखें चमक उठीं, लेकिन एक रुपये में ज्यादा जलेबियाँ नहीं मिलतीं।तभी उसके दिमाग में खयाली पुलाव पकने लगे।

उसने सोचा, “अगर मैं यह रुपया बचा लूँ तो इसे किसी को उधार देकर ब्याज कमा सकता हूँ। फिर ज्यादा पैसे होने पर एक दुकान खोल लूँगा। मेरी दुकान बहुत मशहूर होगी, और लोग दूर-दूर से मिठाइयाँ खरीदने आएंगे। तब मैं रोज़ खूब सारी जलेबियाँ खाऊँगा।”इतना सोचते-सोचते उसकी आँखें बंद हो गईं, और वह मीठे सपनों में खो गया। अचानक किसी ने उसके हाथ से वह एक रुपया छीन लिया।

जब उसने आँखें खोलीं, तो देखा कि एक बंदर उसका रुपया लेकर भाग रहा है।शेख चिल्ली चिल्लाया, “अरे! मेरी जलेबियाँ!”लोग उसकी बात सुनकर हँसने लगे। कोई उसे समझा रहा था कि जलेबियाँ तो उसने खरीदी ही नहीं, लेकिन शेख चिल्ली अपने खयाली जलेबियों के ग़म में दुखी हो गया।

शिक्षा:इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि केवल सपने देखने से कुछ हासिल नहीं होता, बल्कि मेहनत और समझदारी से काम करना जरूरी है।