शेखचिल्ली की कहानी : नौकरी | Sheikh Chilli Naukari Story In Hindi

शेखचिल्ली की कहानी: नौकरी की तलाश

शेखचिल्ली अपनी आलसी और मजेदार हरकतों के लिए मशहूर थे। एक दिन उनकी मां ने उन्हें बुलाकर कहा, “शेखचिल्ली, अब तुम बड़े हो गए हो। घर बैठने से कुछ नहीं होगा। जाओ, कोई नौकरी ढूंढो और घर का खर्च चलाने में मदद करो।”शेखचिल्ली ने मां की बात मान ली और नौकरी की तलाश में निकल पड़े।

रास्ते में उन्हें एक किसान मिला। किसान ने पूछा, “शेखचिल्ली, कहां जा रहे हो?”शेखचिल्ली बोले, “मुझे नौकरी की तलाश है। कोई काम हो तो बताइए।”किसान ने कहा, “तुम मेरे खेतों में काम कर सकते हो। तुम्हें हर दिन के पांच रुपये और दो रोटियां दूंगा।”शेखचिल्ली ने खुशी-खुशी यह काम स्वीकार कर लिया।

अगले दिन से उन्होंने खेत में काम करना शुरू कर दिया। लेकिन शेखचिल्ली को मेहनत करना पसंद नहीं था। वह हमेशा आसान रास्ते ढूंढते थे।एक दिन, किसान ने उन्हें कहा, “शेखचिल्ली, जाओ और खेत में पानी दो।”शेखचिल्ली ने सोचा, “इतना भारी मटका उठाने की क्या जरूरत है? क्यों न पूरा कुआं ही खेत में पलट दूं!”शेखचिल्ली ने ऐसा ही किया।

उन्होंने कुएं की दीवार तोड़ दी, जिससे पूरा पानी खेत में भर गया। किसान यह देखकर चिल्लाने लगा, “अरे शेखचिल्ली, तुमने तो पूरा खेत बर्बाद कर दिया!”शेखचिल्ली ने मुस्कुराते हुए कहा, “मालिक, मैंने तो आपका काम आसान कर दिया।

अब आपको बार-बार पानी लाने की जरूरत नहीं होगी।”किसान ने गुस्से में कहा, “तुम्हारी नौकरी खत्म! जाओ, यहां से चले जाओ।”शेखचिल्ली ने सिर खुजाते हुए सोचा, “चलो, कोई बात नहीं। नौकरी गई तो क्या हुआ, मजा तो खूब आया!”—

निष्कर्ष:यह कहानी हमें सिखाती है कि काम को पूरी मेहनत और ईमानदारी से करना चाहिए। शेखचिल्ली की बेफिक्री भले ही हंसाती हो, लेकिन असल जिंदगी में मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।