शेखचिल्ली की कहानी : बेगम के पैर |Sheikh Chilli Story Begam Ke Pair In Hindi

शेखचिल्ली की कहानियाँ हमेशा से अपनी मजेदार और सीख देने वाली घटनाओं के लिए प्रसिद्ध रही हैं। “शेखचिल्ली और बेगम के पैर” भी ऐसी ही एक दिलचस्प कहानी है।

कहानी:

एक बार की बात है, शेखचिल्ली की मां ने उसे काम पर भेजा। उन्होंने कहा, “शेखचिल्ली, कुछ ऐसा काम करो जिससे हमारी गरीबी दूर हो जाए।” शेखचिल्ली ने सोचा, “ऐसा कौन सा काम किया जाए जिससे तुरंत पैसा मिल सके?”शेखचिल्ली को एक अमीर आदमी के घर काम करने का मौका मिला। वहां बेगम साहिबा ने उसे पानी लाने और उनके पैर दबाने का काम सौंपा।

शेखचिल्ली ने बड़े मन से उनकी सेवा शुरू की। पैर दबाते-दबाते शेखचिल्ली की नजर बेगम के सुंदर जूतों पर पड़ी। उसने सोचा, “अगर ये जूते मेरे पास होते तो मैं इन्हें बेचकर बहुत पैसा कमा सकता हूँ।”शेखचिल्ली ने बेगम से कहा, “बेगम साहिबा, आपके पैर बहुत सुंदर हैं।

अगर ये जूते मुझे मिल जाएं, तो मैं इन्हें हमेशा यादगार के तौर पर रखूंगा।” बेगम साहिबा उसकी बात पर हंस पड़ीं और मजाक में कहा, “अच्छा, तो तुम मेरे जूते ले लो।”शेखचिल्ली ने इसे सच मान लिया और बेगम के जूते लेकर बाजार में बेचने चला गया।

जब बेगम को इस बात का पता चला तो उन्होंने तुरंत अपने नौकरों को शेखचिल्ली को पकड़ने के लिए भेजा। शेखचिल्ली पकड़ा गया और सभी ने उस पर खूब हंसी उड़ाई।

सीख:यह कहानी सिखाती है कि हर बात को गंभीरता से समझना चाहिए। बिना सोचे-समझे कोई काम करने से हमें हंसी का पात्र बनना पड़ सकता है।