शेख चिल्ली की कहानी – चाल गई
शेख चिल्ली अपने सपनों की दुनिया में खोए रहने वाले व्यक्ति थे। उनकी हर हरकत से लोग हंसते और कई बार परेशान भी हो जाते।
एक दिन की बात है, शेख चिल्ली को लगा कि उन्हें एक बड़ा व्यापारी बनना चाहिए।कहानी शुरू होती हैशेख चिल्ली ने अपने दोस्त से एक बकरी उधार ली और सोचा कि इसे बेचकर अच्छा पैसा कमाएंगे।
वह बकरी को लेकर बाजार की ओर चल दिए। रास्ते में तीन चालाक ठगों ने उन्हें देखा और सोचा कि इस भोले व्यक्ति को बेवकूफ बनाया जा सकता है।
पहला ठग शेख चिल्ली के पास आया और बोला,”अरे भाई, तुम ये कुत्ता क्यों ले जा रहे हो?”शेख चिल्ली चौंक गए और बोले,”ये कुत्ता नहीं, बकरी है!”ठग हंसते हुए चला गया।थोड़ी दूर चलते ही दूसरा ठग आया और उसने भी कहा,”भाई, ये कुत्ता कहां ले जा रहे हो?”शेख चिल्ली को थोड़ा शक हुआ, लेकिन उन्होंने फिर से जवाब दिया,”ये कुत्ता नहीं, बकरी है!”अब शेख चिल्ली थोड़ा घबरा गए।जब तीसरा ठग आया और उसने भी वही बात कही,”अरे, ये कुत्ता क्यों पकड़ा हुआ है?”तो शेख चिल्ली को यकीन हो गया कि बकरी सच में कुत्ता है।
उन्होंने डर के मारे बकरी को वहीं छोड़ दिया और भाग गए। ठगों ने हंसते हुए बकरी को पकड़ लिया और अपने साथ ले गए।
सीख:यह कहानी सिखाती है कि दूसरों की बातों पर बिना सोचे-समझे विश्वास नहीं करना चाहिए। अपनी बुद्धि और समझदारी से काम लेना जरूरी है।शेख चिल्ली की यह कहानी मजेदार होने के साथ-साथ हमें सतर्क रहने की भी सीख देती है।