शेखचिल्ली की कहानी : तेंदुए का शिकार | Sheikh Chilli Story Tendue Ka Shikar In Hindi

शेख चिल्ली की कहानी – तेंदुए का शिकार

शेख चिल्ली, अपनी अजीबो-गरीब हरकतों और सपनों की वजह से गांव में बहुत मशहूर था। एक दिन उसने अपने दोस्तों से कहा, “मैं जंगल जाकर तेंदुए का शिकार करूंगा और पूरे गांव में अपना नाम बनाऊंगा।”दोस्तों ने उसकी बात सुनकर ठहाके लगाए और कहा, “शेख, तुझे तेंदुए ने देख लिया, तो तू खुद उसका शिकार बन जाएगा।”पर शेख चिल्ली ने अपनी जिद ठानी और जंगल की ओर चल पड़ा।

जंगल में जाते-जाते उसे रास्ते में एक खरगोश मिला। शेख ने सोचा, “अगर मैं इस खरगोश को पकड़ लूं, तो लोग समझेंगे कि मैं तेंदुए का शिकार कर आया हूं।” उसने खरगोश को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन खरगोश फुर्ती से भाग गया।आगे चलकर उसे एक बड़ा पेड़ दिखाई दिया। उसने सोचा, “अगर मैं इस पेड़ पर चढ़ जाऊं और तेंदुए को ऊपर से पकड़ने की योजना बनाऊं, तो काम आसान हो जाएगा।”

वह किसी तरह पेड़ पर चढ़ गया।तभी उसने दूर से एक जानवर को आते देखा। डर के मारे वह कांपने लगा। उसने सोचा, “ये तेंदुआ तो नहीं है?” लेकिन पास आने पर देखा तो वह एक कुत्ता था। शेख ने चैन की सांस ली और पेड़ से उतरने की कोशिश करने लगा।उतरते समय उसका पैर फिसल गया और वह सीधे झाड़ियों में गिरा। वहां कुछ गांववाले लकड़ी काट रहे थे।

उन्होंने शेख को इस हालत में देखा और पूछा, “यहां क्या कर रहे हो?”शेख ने जल्दी से कहा, “मैं तो तेंदुए का शिकार करने आया था, लेकिन तेंदुआ मुझसे डरकर भाग गया!”गांववाले उसकी बात सुनकर हंसने लगे और बोले, “शेख, तुम्हारा बस तेंदुए का सपना ही पूरा हो सकता है।”शेख चिल्ली मुस्कुराते हुए बोला, “सपने देखने में क्या बुराई है!”और इस तरह शेख चिल्ली का तेंदुए का शिकार सिर्फ एक मजाक बनकर रह गया।