शेखचिल्ली की कहानी : व्यापारी | Sheikh Chilli Vyapari Story In Hindi

शेखचिल्ली व्यापारी की कहानी

शेखचिल्ली की कहानियां हमेशा दिलचस्प और मजेदार होती हैं। एक दिन शेखचिल्ली ने सोचा कि वह भी एक बड़ा व्यापारी बनेगा और खूब सारा पैसा कमाएगा। उसने अपनी बचत के सारे पैसे इकट्ठा किए और बाजार जाकर एक मटकी दूध खरीदी।शेखचिल्ली दूध की मटकी लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में उसने सोचा, “मैं इस दूध को बेचकर खूब सारा मुनाफा कमाऊंगा।

फिर उस पैसे से मैं और दूध खरीदूंगा और उसका दही बनाऊंगा। दही को बेचकर और पैसे कमाऊंगा। फिर उन पैसों से गाय और भैंस खरीदूंगा। उनकी देखभाल करूंगा और उनका दूध बेचूंगा। देखते ही देखते मैं एक बड़ा व्यापारी बन जाऊंगा।”शेखचिल्ली ने आगे सोचा, “जब मैं बड़ा व्यापारी बन जाऊंगा, तो मेरे पास बहुत सारा धन होगा। मैं एक बड़ा सा घर बनवाऊंगा।

लोग मेरी तारीफ करेंगे, और मैं सबसे अमीर इंसान बन जाऊंगा।”फिर उसने सोचा, “मैं इतना अमीर हो जाऊंगा कि राजा भी मुझे सम्मान देंगे। मैं शाही पोशाक पहनूंगा और लोग मेरी जय-जयकार करेंगे।”

यह सोचते-सोचते शेखचिल्ली ने कल्पना में अपनी शान-शौकत के बारे में सोचकर खुशी में उछलकर नाचने की कोशिश की।लेकिन जैसे ही उसने उछलने की कोशिश की, मटकी उसके सिर से गिर गई और सारा दूध जमीन पर फैल गया। शेखचिल्ली की सारी योजनाएं और सपने उसी पल बिखर गए।

कहानी की सीख:

सपने देखना अच्छा है, लेकिन सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत और सही योजना जरूरी होती है। बिना मेहनत और सावधानी के केवल कल्पना से कुछ हासिल नहीं किया जा सकता।