तेनालीराम की कहानी: तेनाली रामा और स्वर्ग की खोज /Tenali Rama Story: Heaven On Earth in Hindi

तेनाली राम कहानी: पृथ्वी पर स्वर्ग

एक बार विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय ने अपने दरबार में पूछा, “क्या यह सच है कि स्वर्ग केवल आसमान में है, या पृथ्वी पर भी हो सकता है?” दरबार में सभी मंत्री और विद्वान इस सवाल का उत्तर देने लगे। कुछ ने कहा कि स्वर्ग केवल आसमान में है, तो कुछ ने कहा कि यह केवल धर्म और पुण्य से मिलता है।लेकिन तेनाली राम मुस्कुरा रहे थे।

राजा ने पूछा, “तेनाली, तुम क्या सोचते हो?”तेनाली राम ने उत्तर दिया, “महाराज, स्वर्ग कहीं भी हो सकता है, यहां तक कि पृथ्वी पर भी। मैं इसे साबित कर सकता हूं।”राजा ने कहा, “अगर तुम यह साबित कर सको, तो तुम्हें इनाम मिलेगा।”कुछ दिनों बाद तेनाली राम ने राजा और रानी को अपने गांव आमंत्रित किया। उन्होंने बड़े प्रेम से राजा और रानी का स्वागत किया।

तेनाली ने उनकी सेवा में सबसे स्वादिष्ट भोजन परोसा, सुंदर फूलों से सजी जगह और आरामदायक व्यवस्था की। वहां हर कोई प्रसन्न और सुखी दिखाई दे रहा था।राजा ने कहा, “यह जगह तो स्वर्ग जैसी लगती है! यहां हर चीज इतनी सुंदर और शांतिपूर्ण है।”तेनाली मुस्कुराते हुए बोले, “महाराज, यह है पृथ्वी पर स्वर्ग। जहां प्रेम, सेवा, और सुख हो, वही स्थान स्वर्ग बन जाता है।”राजा ने तेनाली राम की बुद्धिमानी की सराहना की और उन्हें इनाम दिया।

शिक्षा:जहां शांति, प्रेम, और सुख हो, वही स्थान स्वर्ग है। इसे पाने के लिए हमें अपने चारों ओर खुशियां फैलानी चाहिए।