राजा और उसकी तीन बेटियों की कहानी | The King And His Three Daughters Story In Hindi

राजा और उसकी तीन बेटियाँ

बहुत समय पहले की बात है, एक राजा था जिसकी तीन सुंदर बेटियाँ थीं। वह अपनी बेटियों से बहुत प्यार करता था और अक्सर उनकी परीक्षा लेता रहता था कि वे उससे कितना प्रेम करती हैं।

एक दिन राजा ने अपनी तीनों बेटियों को बुलाया और पूछा, “तुम मुझे कितना प्यार करती हो?”सबसे बड़ी बेटी ने कहा, “पिता जी, मैं आपको सोने-चाँदी के समान प्रिय मानती हूँ।”राजा यह सुनकर बहुत खुश हुआ।

फिर दूसरी बेटी ने कहा, “पिता जी, आप मुझे हीरे-जवाहरात के समान प्रिय हैं।”राजा यह सुनकर और भी प्रसन्न हुआ।अब बारी थी सबसे छोटी बेटी की। उसने मुस्कुराकर कहा, “पिता जी, मैं आपसे नमक जितना प्यार करती हूँ।”राजा को यह सुनकर बहुत गुस्सा आया।

उसने सोचा कि नमक तो बहुत साधारण चीज़ है, इसमें प्यार दिखाने जैसा क्या है? क्रोधित होकर उसने अपनी छोटी बेटी को महल से निकाल दिया।छोटी राजकुमारी ने महल छोड़ दिया और जंगल में भटकने लगी। कुछ समय बाद, वह एक दूसरे राज्य के राजकुमार से मिली, जिसने उसकी बुद्धिमत्ता और सादगी को देखकर उससे विवाह कर लिया।कुछ सालों बाद, उस राज्य के राजा (यानी राजकुमारी के पिता) को एक भव्य भोज में आमंत्रित किया गया।

छोटी राजकुमारी ने अपने रसोइयों को आदेश दिया कि राजा के लिए बनाए गए सभी व्यंजनों में बिना नमक डाले भोजन परोसा जाए।जब राजा ने खाना चखा, तो उसे स्वादहीन लगा।

उसने आश्चर्य से पूछा, “इस भोजन में कोई स्वाद क्यों नहीं है?”तभी राजकुमारी ने सामने आकर कहा, “पिताजी, क्या आपको याद है जब मैंने कहा था कि मैं आपसे नमक जितना प्यार करती हूँ?”राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसे समझ आया कि नमक भले ही साधारण हो, लेकिन उसके बिना कोई भी भोजन बेस्वाद हो जाता है।

उसी तरह, उसकी छोटी बेटी का प्यार भी सच्चा और अनमोल था।राजा ने अपनी छोटी बेटी से माफी मांगी और उसे ससम्मान वापस महल में ले आया। इसके बाद, वे सभी खुशी-खुशी रहने लगे।

शिक्षा:

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि सच्चा प्यार दिखावे या बहुमूल्य चीज़ों से नहीं, बल्कि गहराई और महत्व से मापा जाता है।