समय पहले, एक राजा राज्य करता था। वह बहुत ही बुद्धिमान और न्यायप्रिय था। उसके राज्य में सभी लोग खुश और समृद्ध थे।
एक दिन, एक पंडित राजा के दरबार में आया। वह बहुत ही विद्वान और ज्ञानी था। राजा ने पंडित को अपने दरबार में रहने के लिए आमंत्रित किया।पंडित राजा का बहुत अच्छा मित्र बन गया। दोनों अक्सर धर्म, दर्शन और ज्ञान के बारे में बातें करते थे।
एक दिन, राजा ने पंडित से पूछा, “पंडित जी, आप इतने ज्ञानी हैं, फिर भी आप इतने गरीब क्यों हैं?”पंडित ने उत्तर दिया, “महाराज, ज्ञान धन से अधिक मूल्यवान है। मैं अपने ज्ञान से लोगों की सेवा करता हूँ, यही मेरे लिए सबसे बड़ा धन है।”
राजा पंडित के उत्तर से बहुत प्रभावित हुआ। उसने पंडित को बहुत सारा धन दिया और उसे अपना मंत्री बना लिया।पंडित ने राजा के मंत्री के रूप में बहुत अच्छा काम किया। उसने राज्य को और भी अधिक समृद्ध और खुशहाल बनाया।
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि ज्ञान धन से अधिक मूल्यवान है। हमें अपने ज्ञान का उपयोग दूसरों की सेवा करने के लिए करना चाहिए।