राजा और रंक की कहानी | The King And The Pauper Story In Hindi

राजा और गरीब की कहानी

एक समय की बात है, एक राजा था जो बहुत धनी था लेकिन अहंकारी भी था। उसे अपने ऐश्वर्य और शक्ति पर बहुत घमंड था। वहीं, उसी राज्य में एक गरीब आदमी रहता था जो ईमानदार और मेहनती था। हालाँकि उसके पास धन नहीं था, फिर भी वह हमेशा खुश रहता था।

राजा की जिज्ञासाराजा को आश्चर्य हुआ कि एक गरीब आदमी इतना खुश कैसे रह सकता है, जबकि उसके पास कोई ऐशो-आराम नहीं था। उसने अपने मंत्रियों से इस बारे में पूछा, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।

इसलिए, राजा ने खुद गरीब के जीवन का अनुभव लेने की योजना बनाई।राजा और गरीब की जगह बदलनाएक रात, राजा ने अपने राजसी वस्त्र उतार दिए और साधारण कपड़े पहनकर गरीब आदमी के पास गया। उसने गरीब से दोस्ती कर ली और उसके साथ रहने लगा।

गरीब आदमी ईमानदार था, इसलिए उसने राजा को भी बिना किसी शंका के अपने साथ रख लिया।गरीबी का अनुभवराजा ने देखा कि गरीब दिनभर मेहनत करता था और जो थोड़ा बहुत कमाता था, उसी से खुशी-खुशी अपना और अपने परिवार का गुजारा करता था।

वह हर छोटी चीज़ में आनंद लेता था और किसी से ईर्ष्या नहीं करता था।कुछ दिनों बाद, राजा को एहसास हुआ कि असली खुशी धन या शक्ति में नहीं, बल्कि संतोष में होती है। उसने यह भी देखा कि गरीब आदमी की ईमानदारी और सादगी ही उसकी सबसे बड़ी दौलत थी।

राजा की सीखराजा वापस अपने महल लौट आया और उसने अपनी प्रजा की भलाई के लिए काम करना शुरू कर दिया। उसने गरीबी मिटाने और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए नए कानून बनाए। वह अब पहले से अधिक दयालु और न्यायप्रिय राजा बन गया।

शिक्षा:

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि असली खुशी धन से नहीं, बल्कि संतोष और ईमानदारी से मिलती है। जो व्यक्ति अपने जीवन से संतुष्ट रहता है, वही सबसे सुखी होता है।