आलपिन के सिर होता है कविता
आलपिन: छोटी चीज़, बड़ा काम
आलपिन के सिर होता है,
छोटा सा, पर गहरा असर होता है।
नज़रें इसे अक्सर नज़रअंदाज़ करतीं,
पर काम बड़ा यह हर रोज़ करती।
छोटे आकार में बड़ी शक्ति
आलपिन है छोटी सी,
फिर भी दुनिया संभालती।
कागज़ों को जोड़ने का काम,
इसके बिना सब है अधूरा नाम।
संघर्ष और धैर्य की मिसाल
नुक्के पर है तेज़ धार,
जो दिखाती इसकी मज़बूत ताकत का आधार।
कभी चुभती, कभी सहलाती,
अपनी जगह खुद बनाती।
छोटे होने का बड़ा सबक
आलपिन हमें सिखाती है,
छोटा होना कमजोरी नहीं कहलाता है।
छोटे काम भी बड़े मकसद बन जाते हैं,
सही दिशा में चलने से सब संभल जाते हैं।
निष्कर्ष
आलपिन के सिर होता है,
संदेश जो हर दिल कहता है।
छोटे आकार से घबराओ नहीं,
हर कड़ी में अपना योगदान छोड़ो सही।