नानी की नाव कविता
नानी की नाव
नानी की नाव है छोटी सी,
बड़ी झील में चलती मस्ती सी।
धीरे-धीरे पानी को चीरती,
नानी की कहानियों से भरती।
नानी की कहानियों का संग
नाव पर बैठे, सुनते हम,
राजा-रानी और परियों के गम।
झील का पानी झिलमिल चमके,
नानी की बातें दिल में दमके।
पानी में मछलियों का खेल
नानी कहती, “देखो ध्यान से,
मछलियां नाचती अपने गान से।”
झील का किनारा भी हंस पड़ता,
नानी का प्यार सबमें बंटता।
नाव की लय और जीवन का पाठ
नानी सिखाती जीवन की राह,
नाव की लय में छिपा है सार।
धीरे-धीरे आगे बढ़ते जाओ,
हर लहर को मुस्कुराकर अपनाओ।
निष्कर्ष
नानी की नाव, यादों की धारा,
प्यार का सागर और सीख का किनारा।
नानी के संग जो पल बिताए,
जीवनभर दिल को संजोए जाए।