Hindi Poem for Class 3 for Kids
नन्हा पौधा बनता पेड़
- नन्हा पौधा बनकर पेड़,
- देता है हरियाली ढेर।
- फल-फूल नित हमको बांटे,
- रोग-दोष सब यही छांटे।
- आम-पीपल-नीम हो बेर,
- देता है हरियाली ढेर।
- छांव इसकी मिले भरपूर,
- कभी न हो ये हमसे दूर।
- पौधे लगाओ न हो देर,
- देता है हरियाली ढेर।
- कोमल पत्ते नरम डाली,
- राग सुनाती कूहू काली।
- न करो कभी इनसे छेड़,
- नन्हा पौधा बनता पेड़।
नये वर्ष की बधाई
- छोटू बन्दर बोला- भाई,
- नये वर्ष की सबको बधाई।
- हाथी, लोमड़, भालू, गीदड़,
- गले मिलो सब भाई-भाई।
- नया वर्ष सबको मंगल हो,
- एक-दूजे को दो बधाई।

- प्रण करें हम मिलकर सारे,
- नहीं किसी से करें लड़ाई।
- नये वर्ष की यही कामना,
- जीवन में फैले खुशहाली।
- नहीं किसी से वैर-भाव हो,
- रैना सबकी हो उजियाली।
कर्मवीर
- देख कर बाधा विविध, बहु विघ्न घबराते नहीं।
- रह भरोसे भाग के दुख भोग पछताते नहीं
- काम कितना ही कठिन हो किन्तु उकताते नही
- भीड़ में चंचल बने जो वीर दिखलाते नहीं।।
- हो गये एक आन में उनके बुरे दिन भी भले
- सब जगह सब काल में वे ही मिले फूले फले।।
- आज करना है जिसे करते उसे हैं आज ही
- सोचते कहते हैं जो कुछ कर दिखाते हैं वही
- मानते जो भी है सुनते हैं सदा सबकी कही
- जो मदद करते हैं अपनी इस जगत में आप ही
- भूल कर वे दूसरों का मुँह कभी तकते नहीं
- कौन ऐसा काम है वे कर जिसे सकते नहीं।।

- जो कभी अपने समय को यों बिताते है नहीं
- काम करने की जगह बातें बनाते हैं नहीं
- आज कल करते हुए जो दिन गँवाते है नहीं
- यत्न करने से कभी जो जी चुराते हैं नहीं
- बात है वह कौन जो होती नहीं उनके लिये
- वे नमूना आप बन जाते हैं औरों के लिये।।व्योम को छूते हुए दुर्गम पहाड़ों के शिखर
- वे घने जंगल जहां रहता है तम आठों पहर
- गर्जते जल राशि की उठती हुई ऊँची लहर
- आग की भयदायिनी फैली दिशाओं में लपटये कंपा सकती कभी जिसके कलेजे को नहीं
- भूलकर भी वह नहीं नाकाम रहता है कहीं।
मैं यादों का पिटारा खोलू तो
- मैं यादों का पिटारा खोलू तो,
- कुछ दोस्त बहुत याद आते है।
- मैं गांव की गलियों से गुजरू
- पेड़ की छांव में बैठू तो,
- कुछ दोस्त बहुत याद आते है।
- वो हंसते मुस्कुराते दोस्त
- ना जाने किस शहर में गुम हो गए,
- कुछ दोस्त बहुत याद आते है।
- कोई मैं में उलझा है तो कोई तू उलझा है

- नहीं सुलझ रही है अब इस जीवन की गुत्थी,
- अब दोस्त बहुत याद आते है।
- जब मैं मनाता हूं कोई त्यौहार
- तो हंसते गाते दोस्त नजर आते है,
- लेकिन अब तो होली,
- दिवाली भी मिलना नहीं होता।
- कोई पैसा कमाने में व्यस्त है
- तो कोई परिवार चलाने में व्यस्त है
- याद करता हूं
- पुराने दिन तोकुछ दोस्त बहुत याद आते है।
सर्दी रानी
- सर्दी रानी आओ जी,साथ रजाई लाओ जी।
- चुन्नू राजा रूठ रहे,लोरी आकर गाओ जी।
- पांव हमारे ठिठुर रहे,हीटर जरा जलाओ जी।

- भूख लगी है जोरों से,किशमिश जरा खिलाओ जी।
- पढ़ना लिखना याद रहे,ऐसा गुर सिखलाओ जी।
- शिक्षक का सम्मान करें,सुन्दर सबक पढ़ाओ जी।
फल
- आम फलों का राजा है,
- पीला मीठा ताजा है।
- रस से भरा है इसका तन,
- मोह लेता है सबका मन।
- तरबूजे का मोटा पेट,
- जैसे हो वो कोई सेठ।

- खरबूजा उसका बेटा,
- खेतों में वो है लेटा।
- लीची के गुच्छे प्यारे,
- बागों में लगते न्यारे।
- ये सब हैं गरमी के फल,
- जिनको खाकर मिलता बल।
बच्चे दिल के सच्चे
- बच्चे दिल के सच्चे,
- सबको प्यारे लगते।
- हंसते मुस्कुराते बच्चे,
- अपनी ही दुनिया में खोए रहते।
- दौड़ भाग उछल कूद करते बच्चे,
- सबको प्यारे लगते बच्चे।

- तोतली बोली बोल कर,
- सबको अपना बना लेते बच्चे।
- मासूम सी प्यारी शरारते करते बच्चे,
- बच्चे दिल के सच्चे।
- ना किसी से बैर रखते बच्चे,
- सबके साथ घुलमिल जाते।
- अपनी बात मनवाने हो तो रो देते,
- बच्चे सबको प्यारे लगते।